Eletter 06- राज्य में प्रतियोगी परिक्षाओं की विडंबना


 कहते हैं, समय सबसे मूल्यवान होता है। परंतु हमारे राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में न तो परीक्षाएं समय पर होती हैं, न ही उनका परिणाम निर्धारित कैलेंडर के अनुसार आता है। साल-दर-साल बीत जाते हैं, लेकिन परिणाम का कोई संकेत नहीं मिलता। इससे न केवल सरकार की लापरवाही उजागर होती है, बल्कि विद्यार्थियों का अनमोल समय भी व्यर्थ चला जाता है। सरकार को चाहिए कि वह अपने तय समय-सारणी के अनुसार परीक्षाओं का आयोजन सुनिश्चित करे, ताकि युवाओं का समय और विश्वास दोनों सुरक्षित रहें। तभी सच्चे अर्थों में राज्य का  विकास संभव होगा; अन्यथा पूरा युवा समाज अंधकार में भटकता रहेगा।

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