Eletter 07 - रिश्तों का व्यापार

 

व्यवसायीकरण और औद्योगीकरण ने समाज की सोच और मूल्यों को गहराई से प्रभावित किया है। आज आर्थिक स्थिति व्यक्ति की पहचान का प्रमुख आधार बन चुकी है। रिश्ते, विवाह और सामाजिक सम्मान भी अब आर्थिक सामर्थ्य के आधार पर तय होते हैं। इससे मानवीय संवेदनाएँ और सहानुभूति पीछे छूटती जा रही हैं। व्यवसायीकरण ने जहाँ जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं संबंधों को औपचारिक और स्वार्थपूर्ण भी किया है। सच्चा विकास तभी संभव है जब आर्थिक प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों का भी संरक्षण हो। 

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