Eletter 10- युद्ध और मानवता

 



मध्य एशिया में दिनोंदिन बढ़ती युद्ध के हालात के कारण तबाही मानवता की हो रही है। इससे ना सिर्फ तेल के दाम में वृद्धि हो रही है, बल्कि बच्चे, महिलाएँ, आम जन पर भी असर हो रहा है। दिव्तीय विश्व युद्ध से शायद हमने कुछ नहीं सीखा, शायद इसलिए भयानक मिसाइल से देश आपस में लड रहे हैं। यह शताब्दी हमें जलवायु परिवर्तन से लड़‌ना चाहिए था तो हम युद्ध से आर्थिक तबाही की ओर अग्रसर हो रहे हैं। आज ज़रूरत है तो संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य देशों की हस्तक्षेप की ताकि युद्ध रोक सके और तबाही होने से बचा सके।


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